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Monday, February 19, 2018

Android Smartphone Root कैसे करें. और रुट करते समय याद रखें ये बातें

 यूं तो एंड्रॉयड फ़ोन के चलते हमारा फोन पहले के मुकाबले बहुत स्मार्ट हो चूका है। आज कल हर काम Android फ़ोन से हो रहे हैैं. बैंकिंग करनी हो या फिर बिजली पानी का बिल भरना हो अब एक टच में सबकुछ संभव है। पर क्‍या आपको पता है‍ कि आपके स्‍मार्टफोन की भी अपनी सीमा है। आप इसे वहीं तक ही इस्‍तेमाल कर सकते हैं, जहां तक तक आपकी Mobile कंपनी इसकी इजाजत देता है। मेरेे कहने का मतलब ये है की आप अपने Mobile में वही इस्तेमाल कर सकते हैं जो Google और एंड्राइड ने Develop किया है. आप ऐसे समझ सकते हैं  अगर प्ले स्‍टोर ने किसी एप को ब्‍लॉक कर दिया है, तो आप चाहकर भी उस एप को इन्‍सटॉल नहीं कर सकते हैं। अगर आप चाहें कि स्‍पीकर बटन से फोन ऑन या ऑफ भी हो, तो यह आपके हाथ में नहीं होता। क्योंकि ये हमारे नियंत्रण में नहीं होता है क्योंकि हमारी मोबाइल निर्माता कंपनी इसकी इजाजत नहीं देती है. लेकिन अब यह हो भी सकता है। बस इसके लिए आपको अपने स्‍मार्टफोन को रूट करना होगा। इसके बाद फोन का हर पुर्जा आपके कब्‍जे में। पूरी तरह से आपका मोबाइल आपके कण्ट्रोल में होगा और आप जो चाहें वो कर सकते हैं.



मोबाइल Rooting होता क्या है??फुल इनफार्मेशन हिंदी में


रूटिंग एक ऐसा प्रॉसेस है, जिसे करने के बाद आप अपने फोन को मन मुताबिक यूज कर सकते हैं। जिसका पहले हमारा अधिकार नहीं होता था वो सारी Function भी यूज़ कर सकते हैं जो पहले हमारी मोबाइल निर्माता हमें अधिकार नहीं देती थी. हम कोई सा भी स्‍मार्टफोन खरीदते हैं तो उसमें पहले से आपरेटिंग सिस्टम यानी ओएस इन्‍सटॉल होता है। यह ओएस आपको जिन चीजों की इजाजत देते हैं, आप उन चीजों को अपने फोन में यूज़ कर सकते हैं। जैसे फोन करना, रिसीव करना, मैसेज भेजना,, मेल करना, फोटो खींचना आदि। लेकिन जब फोन को रूट करने के बाद आप आपके स्‍मार्टफोन से उनके ओएस का अधिकार खत्‍म हो जाता है, उसके बाद आप सब कुछ कर पाएंगे. अपने एंडरॉयड स्मार्टफोन से उन कामों को भी कर सकते हैं, जिनके लिए कंपनी ने पहले एक्सिस नहीं दे रखा था। रूट किए फोन में आप कस्टम रोम इन्‍सटॉल कर सकते हैं। इसे इन्‍सटॉल करने के बाद आप फोन में कमांड भी बदल सकते हैं। आप चाहें तो होम बटन को बैक के लिए और वॉल्यूम बटन को कैमरे के लिए यूज कर सकते हैं। मतलब रूट करने के बाद फोन पर आपका कंट्रोल होता है। आईफोन में इसे जेलब्रेक के कहा जाता है। हालांकि जेलब्रेक और रूटिंग में थोड़ा अंतर है। है न कमाल का रूटिंग शब्द लेकिन यंहा पर मैं आपको इसके फायदे और नुकसान के बारे में भी बताऊँगा बारी - बारी से


फ़ोन रुट करने के फायदें:-


1. कस्टम थीम:-  फोन जब आप लेते हैं तो उसमें डिफाल्ट थीम होता है। मतलब की आप उसके सिमित Function को ही यूज़ कर सकते हैं. आप वॉलपेपर और कलर बदल सकते हैं, लेकिन रूट किए गए फोन में आप सब कुछ बदल सकते हैं। आप होम स्क्रीन पर दिए जानें वाले चार बटन को कहीं भी रख सकते हैं। आप Volume बटन को पॉवर बटन भी बना सकते हैं या सेटिंग पेज के बैकग्राउंड को बदल सकते हैं।  मेन्यू का तरीका तक बदल सकते हैं। कुल मिलकार यह कहा जा सकता है कि रूटिंग मोबाइल का पूरा लुक और फील आपके हिसाब से हो जाता है।

2. बेहतर होगा आपके मोबाइल का परफॉमेंस:- रूट किए गए फोन के लिए कई ऐसे कस्टम रोम और एप्स उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आप फोन का परफॉर्मेंस बेहतर कर सकते हैं। इतना ही नहीं रूट किए गए फोन में आप बैटरी परफॉर्मेंस भी बेहतर कर सकते हैं और आपकी बेट्री की बैकअप बेहतर हो जायेगा. कई डेवलपर्स हैं जो कर्नेल लेयर कोड में बदलाव कर फेन के परफॉर्मेंस को बेहतर कर देते हैं। और आपकी मोबाइल भी फ़ास्ट हो जायेगा।

3. बेसबैंड:- रूट किए गए फोन में आप बेसबैंड को अपडेट कर सकते हैं। बेसबैंड का उपयोग खास तौर से फोन के रेडियो सिग्नल को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। मतलब रूट किए गए फोन में सिग्नल को बेहतर कर सकते हैं। और आपकी मोबाइल की सिग्नल पहले से बेहतर हो जायेगा कई लोग मोबाइल के सिग्नल को बेहतर करने के लिए भी मोबाइल को रुट करते हैं.

4. नया एंड्राइड:- यदि आपका फोन पुराना है और फोन निर्माता ने एंडरॉयड का नया अपडेट नहीं भी दिया है तो भी आप रूट किए गए फोन में नए ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं। टेक सेवी लोगों के लिए यह रूट का सबसे बड़ा फायदा यही है कि पुराने फोन पर नए फीचर्स का उपयोग कर पाएंगे। बहुत से लोग अपने फोन को रुट इसलिए करते हैं.

5. फीचर्स करें अनलॉक:- अगर आपको अपने फ़ोन में छुपे हुए फंक्शन को यूज़ करना चाहते हैं तो, रुट किए गए फोन में आप उन फीचर्स को भी अनलॉक कर सकते हैं जिसे आपके सर्विस प्रदाता और फोन निर्माता द्वारा लॉक किया गया है जैसे फ्री वाईफाई और यूसबी टेथरिंग इत्यादि।

6. ऐड ब्लॉक:- अगर आप बार - बार इंटरनेट पर आनेवाले ऐड से परेशान हैं. तो आप अपने मोबाइल को रुट कर लें.  रुट किये गए फ़ोन में आप पूरी तरह से ऐड पर कण्ट्रोल कर सकते हैं.

7. अतरिक्त सिक्यूरिटी:-  अगर अपने फ़ोन रूट किया है तो सिक्योरटी की सुरक्षा जरूर करें. आप रुट किए गए फोन में आप एडिशनल सिक्योरिटी लेवल का उपयोग कर सकते हैंं। कई बेहतरीन सिक्योरिटी एप हैं तो सिर्फ रूट किए गए फोन के साथ कार्य करते हैं। 


फ़ोन रुट करने से नुकसान:-


1. वारंटी खत्म:-  अगर आप अपने फ़ोन को रुट करने जा रहे हैं तो एक बात जरूर ध्यान रखें. आप रूट करते हैं तो आपकी मोबाइल की वारंटी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। अथार्त रूट किए गए फोन में खराबी आने पर मोबाइल निर्माता आपकी कोई मदद नहीं करेंगे।

2. फोन हो सकता है बेकार:-  ध्यान रखें रुट करने से पहले और पूरी जानकारी रखें नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है. रूट के दौरान थोड़ी भी गड़बड़ी होती है तो आपका फोन पूरी तरह से बेकार हो सकता है। अर्थात उसमें आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं.

3. सिक्यूरिटी:-  अगर आपने फ़ोन रुट कर लिया है तो उसके Security का जरूर ध्यान रखें क्योंकि रुट किये फ़ोन में आप डेटा खो सकते हैं. वैसे रुट किये गए फोन के लिए कई एडिशनल सिक्योरिटी एप्स हैं लेकिन इस दौरान कई ऐसे एप्स आप इंस्टॉल कर लेते हैं जो फोन को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।  इसलिए सिक्योर रहें।


अंतिम बात, मेरी बात:-
अगर आप फ़ोन रुट करने जा रहे हैं तो सबसे पहले मैं आपको Recommend करूँगा की आप पूरी तरह से जानकारियां जुटा लें तभी आप अपने फ़ोन को रुट करें. और हाँ रुट करते समय किसी प्रकार की दिक्कत हो रही है तो मुझसे सम्पर्क जरूर करें. आपको मेरी Article कैसी लगी Comment जरूर करें और एक शेयर भी कर दें. धन्यवाद आपको। मेरी पोस्ट पर आने के लिए

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